PM विश्वकर्मा योजना: लाभ प्राप्त करने वालों के लिए आवश्यक दस्तावेज़ और जानकारी

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योजना का परिचय

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, जो पीएम विश्वकर्मा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय द्वारा शुरू की गई है, शिल्पकारों और कारीगरों को आर्थिक मदद प्रदान करने का उद्देश्य रखती है। इस योजना के तहत उन्हें सस्ते ऋण, कौशल प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण, और डिजिटल लेनदेन के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

योजना के लाभ

  1. कौशल प्रशिक्षण: योजना के तहत कारीगरों को बुनियादी और विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।
  2. ऋण सहायता: सस्ते ऋण की व्यवस्था के माध्यम से उन्हें आर्थिक सहायता मिलती है।
  3. टूलकिट प्रोत्साहन: बुनियादी कौशल प्रशिक्षण की शुरुआत में टूलकिट प्रोत्साहन भी प्रदान किया जाता है।
  4. डिजिटल प्रोत्साहन: डिजिटल लेनदेन के लिए भी आर्थिक सहायता दी जाती है।

पात्रता

  • योजना के तहत न्यूनतम आयु 18 वर्ष निर्धारित की गई है।
  • ऋण नहीं लिया होने की शर्त है।
  • सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्य योजना के पात्र नहीं हैं।

इस योजना के लिए इन डाक्यूमेंट्स की आवश्यकता हो सकती है-

अधिवास प्रमाणपत्र

बैंक पासबुक

आवेदक का आधार कार्ड

पासपोर्ट साइज फोटो

राशन कार्ड

मोबाइल नंबर

इस योजना के तहत 18 व्यवसायों को शामिल किया गया है, जो इस प्रकार है-

नाव निर्माता

बढ़ई

लोहार

हथियार निर्माता

ताला बनाने वाले

हथौड़ा और टूल किट निर्माता

सोनार

कुम्हार

मूर्तिकार (मूर्तिकार, पत्थर तराशने वाला)

पत्थर तोड़ने वाला

मोची/जूता कारीगर

राजमिस्त्री

टोकरी/चटाई/झाड़ू निर्माता/कॉयर बुनकर

गुड़िया और खिलौना निर्माता (पारंपरिक)

नाई

माला बनाने वाले

धोबी

मछली पकड़ने वाली जल का निर्माण करने वाले कारीगर

दर्जी

आवेदन कैसे करें

  • आवेदन पीएम विश्वकर्मा पोर्टल पर आधार-आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के साथ सामान्य सेवा केंद्रों के माध्यम से किया जा सकता हैं।

पीएम विश्वकर्मा योजना का महत्व

पीएम विश्वकर्मा योजना न केवल शिल्पकारों के आर्थिक विकास को सुनिश्चित करती है, बल्कि यह उनके सामाजिक स्थिति को भी उन्नत करती है। इस योजना के जरिए, शिल्पकारों को उनके काम के लिए उचित मान्यता और सम्मान मिलता है, जो उन्हें अपने कार्य में और अधिक समर्पित होने के लिए प्रेरित करता है।

योजना के तहत चुनौतियां और समाधान

हालांकि योजना का उद्देश्य उचित है, इसके क्रियान्वयन में कई चुनौतियां भी हैं। इनमें से एक है डिजिटल लेनदेन को अपनाने में शिल्पकारों की हिचकिचाहट। इसके समाधान के लिए, सरकार ने डिजिटल साक्षरता कार्यक्रमों की शुरुआत की है जो शिल्पकारों को ऑनलाइन लेनदेन के फायदे समझाते हैं।

भविष्य की दिशा

पीएम विश्वकर्मा योजना के सफल क्रियान्वयन से भारतीय शिल्पकारों की पारंपरिक कला और शिल्प को वैश्विक मंच पर पहचान मिलेगी। इससे न केवल उनकी आय में वृद्धि होगी, बल्कि भारतीय संस्कृति का प्रचार-प्रसार भी होगा।

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